
आजकल के युवा सीनियर सेकंडरी करने के बाद कॉलेज जाकर बी.ऐ., बी. एस. सी. या फिर बी. कॉम करने की नहीं सोचते, इन युवाओं का मानना है की 12th के बाद ग्रेजुएशन न करके कोई अच्छा सा कोर्स कर लेना चाहिए, और ये सही भी है, आजकल डिग्री की जगह एक्स्पिरिएंस काम आता है. वो ज़माना गया जब 12th के बाद ग्रेजुएशन करना बहुत बड़ी उपलब्धी मानी जाती थी, आज तो जिसकी लाठी उसकी भेंस वाली बात है|
लेकिन कई युवा इस चक्कर में अपना भविष्य खतरे में डाल रहे है, इसका कारण है गलत युनिवेर्सिटी का चुनाव, और इस दौड़ में सबसे आगे है: इग्नू यानि इंदिरा गाँधी नेशनल ओपन युनिवेर्सिटी| कहने को तो यह युनिवेर्सिटी बहुत ही कम राशि में बड़े बड़े कोर्स करवाती है, लेकिन कम राशि के बदले करियर को बर्बाद कर देती है|
इग्नू की सबसे बड़ी समस्या यह है की एक तो यह भारत की सबसे बड़ी ओपन युनिवेर्सिटी है और फिर ओपन होने से समस्या और भी बढ़ जाती है, बस घर बेठे रहो और पढाई करो, इससे घर पर बुक्स, फोर्मस आदि समय पर नहीं पहुँचते है जिसके कारण कई छात्र परीक्षा से वंचित रह जाते है, और अगर बाई चांस बुक्स, फोर्मस सही समय पर पहुँच भी गए (जो अमूमन होता नहीं है) और छात्र परीक्षा में बैठ भी गया तो उसका रिजल्ट आते-आते 2nd सेमेस्टर की परीक्षाएं आ जाती है और कई बार तो परीक्षाएं चल रही होती है और छात्र अपने 1st सेमेस्टर के रिजल्ट का इंतज़ार करते रह जाते है जिसके कारण उनको 6 महीनों का चूना लग जाता है और कई बार तो पुरे 1 साल का|
मेरा यह पोस्ट करने का एक ही कारण है की जो छात्र या जो युवा १२ के बाद अपना कैरियर बनाना चाहते है तो प्लीज़ इग्नू में प्रवेश भूलकर भी मत लेना, क्यूंकि आपका भविष्य आपके हाथों में है| भविष्य में मैं आपको ऐसी कई और युनिवेर्सिटीज के बारे में बताऊंगा जो अपने फायदे के लिए भारत की आने वाली पीढी का भविष्य ख़राब कर रही है|
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