AajTak or India Today Group: Mumbai or India?

December 13th, 2008 Admin Posted in AajTak 4 Comments »

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नमस्ते इंडिया!

आतंकवाद आज सारी दुनिया में हर जगह अपना कहर बरपा रहा है, इसके चलते अभी हाल ही में हुए मुंबई बोम्ब ब्लास्ट्स इसका ताजा उदाहरण है| होटल ताज और होटल ओबेरॉय पर हुए आतंकवादी हमलो ने पुरे देश को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया, इसके चलते इंडियन टेलिविज़न न्यूज़ चैनल “आज तक” ने एक मुहीम शुरू की है जिसका नाम है “Declare War On Terror”, जिसका अर्थ है “आतंकवाद के खिलाफ जंग”|

“आज तक” चैनल और “इंडिया टुडे ग्रुप” द्वारा शुरू की गयी ये मुहीम सचमुच में एक साहसिक और सराहनीय कदम है, लेकिन क्या ये मुहीम भविष्य में होने वाले आतंकवादी हमलों पर कोई असर डाल पायेगी, क्योंकि “आज तक” पर अपने Commercial Advertisements में ये दिखाया जा रहा है की मुंबई के लोग नहीं डरेंगे, पूरी मुंबई ने आतंकवाद के खिलाफ एक साहसिक कदम उठा लिया है, आज तक ने अपने Commercials में एक्टर्स के Interviews, होटल ताज के एम्प्लोयीस के Interviews, मुंबई के स्टूडेंट्स के Interviews, मुंबई के बिज़नस मेन के Interviews दिखा रहे है, इसका क्या मतलब है? क्या पुरे इंडिया में मुंबई पर ही आतंकवादी हमले हुए है| क्या केवल मुंबई को अपने Commercials में दिखाना पुरे भारत देश के लोगो के साथ न्याय है, क्या “आज तक” और “इंडिया टुडे” की आतंकवाद की मुहीम सिर्फ मुंबई तक ही सिमित है| आज पूरा भारत देश आतंक के साये में है, तो फिर केवल अपने चैनल पर मुंबई-मुंबई की रट लगाना कहाँ की समझदारी है, दोस्तों|

आज तक ने अगर आतंकवाद की मुहीम शुरू की है तो वो क्यों नहीं पुरे देश को इसमें शामिल कर रहा है, क्यूँ आज तक बार-बार अपने Commercials में मुंबई-मुंबई कर रहा है| मैं ये नहीं कह रहा की आज तक के द्वारा उठाया गया ये कदम गलत है, ये तो आज की तारीख में आतंकवाद के मुह पर एक ज़ोरदार तमाचा है, लेकिन दोस्तों, केवल मुंबई ही आतंक के साये में नहीं है, पूरा देश आज आतंक की आग में झुलस रहा है, तो फिर अन्याय क्यों पुरे भारत देश के लोगो के साथ| आज की तारीख में 75000 से भी ज्यादा लोग इस मुहीम से जुड़ चुके है, यह अच्छी बात है, लेकिन ये 7500000 भी हो सकते थे अगर “आज तक” ने मुंबई को ही अपना टारगेट ना बनाते हुए ये मुहीम पुरे भारत देश के लिए शुरू की होती तो| लेकिन अफ़सोस और बहुत दुःख के साथ ये कहना पद रहा है की केवल आतंकवाद के खिलाफ मुहीम छेड़ने या आतंकवाद के खिलाफ जंग का एलान करने से आतंकवाद ख़त्म नहीं होगा, आतंकवाद को ख़त्म तभी किया जा सकता है जब पूरा भारत देश आतंकवाद की आँख में आँख मिला कर अपनी आखरी सांस तक लड़े|

आखिर में सिर्फ यही कहना चाहूँगा की आतंकवाद को अपना जन्म जात दुश्मन मान कर, अपनी आखिरी सांस तक आतंकवाद का डटकर मुकाबला करें, हमारा पूरा भरत देश किसी आज तक चैनल या इंडिया टुडे ग्रुप का गुलाम नहीं, हमें जरूरत नहीं ऐसे चैनल्स के पीछे चलने की, अगर आतंकवाद से लड़ना है तो सर उठा के अपने बल बूते पर लडो, कोई Formality Form भरकर नहीं| जय-हिंद |

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